श्रीपाद श्रीवल्लभ महाराज का दिव्य संदेश
भौतिक जीवन छोटा है, इसलिए इसे जागरूकता और प्रेमभाव के साथ जीना आवश्यक है। हर आत्मा और परमात्मा के भीतर स्थित दिव्य ऊर्जा का अनुभव ही हमें अपने भीतर के सत्य और दिव्य पथ की ओर ले जाता है। सत्य कर्म और आंतरिक प्रकाश हमारी चेतना को ऊँचा उठाकर हमें दिव्य अवस्था तक पहुँचाते हैं। इस दिव्यता को भीतर उतारने का मार्ग गहरी ध्यान-स्थिति ही है।
